विजय सुधा कालेज ऑफ फार्मेसी में आज गांधी जी की पूण्य तिथि को शहीद दिवस के रुप में मनाया गया।

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विजय सुधा कालेज ऑफ फार्मेसी में आज गांधी जी की पूण्य तिथि को शहीद दिवस के रुप में मनाया गया।

विजय सुधा कालेज ऑफ फार्मेसी में आज गांधी जी की पूण्य तिथि को शहीद दिवस के रुप में मनाया गया।

डॉ के के गुप्ता के तत्वावधान में विजय सुधा कालेज ऑफ फार्मेसी में गांधी जी की पूण्य तिथि को शहीद दिवस के रूप में मनाया गया।।

जिसमे डॉ एस एन चौधरी डॉ के के गुप्ता डॉ अमित सिंह डॉ विवेकानंद चौधरी डॉ विनय डॉ मंजू डॉ अरुण, रजनीश, सन्नी, संजय समेत सभी स्टाफ माल्यार्पण कर गांधी जी के आदर्शों को याद किया।

विजय सुधा कालेज ऑफ फार्मेसी में आज गांधी जी की पूण्य तिथि को शहीद दिवस के रुप में मनाया गया।
विजय सुधा कालेज ऑफ फार्मेसी में आज गांधी जी की पूण्य तिथि को शहीद दिवस के रुप में मनाया गया।

रास्ट्रीय युवा शक्ति संघ संरक्षक डॉ के के गुप्ता ने कहा कि आज के दिन 30 जनवरी, 1948 ई को (नाथूराम गोडसे ने उनकी हत्या कर दी थी) पंचतत्व में विलीन हो गए थे। अत: गांधी जी की पुण्यतिथि पर शहीद दिवस मनाया जाता है। देश और दुनिया आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी को उनकी पुण्य तिथि पर याद कर रहा है। सत्य और अहिंसा के पुजारी गांधी जी पूरी दुनिया के लिए आदर्श हैं।

लोग आज भी उन्हें हृदय से याद करते हैं और विषम परिस्थितियों में गांधी जी के विचारों का अनुसरण करते हैं।

इससे उनकी मुश्किलें आसान हो जाती हैं। कई मौके पर लोगों को कहते सुना है कि सिर्फ गांधी जी के विचारों का फॉलो करने से उनके उनके जीवन में व्यापक बदलाव हुआ है। गांधी जी को बापू, महात्मा और राष्ट्रपिता समेत कई नामों से पुकारा जाता है। गांधी जी का जन्म 2 अक्टूबर, 1869 ई को गुजरात राज्य के पोरबंदर शहर में हुआ था और गांधी जी ने महज सत्य और अहिंसा के बल पर न केवल देश को ब्रिटिश हुकूमत की चुंगल से आजाद करवाया, बल्कि देश के पुनरोउत्थान में अहम भूमिका निभाई। आज देश गांधी जी के मार्ग दर्शनों पर चलकर प्रगति की राह पर अग्रसर है।

गांधी जी के विचार आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं।

महज उनके पदचिन्हों पर चलकर व्यक्ति अपने जीवन में कामयाब हो सकता है। आइए, गांधी जी के उन अनमोल विचारों को जानते हैं, जिन्हें अपनाने से जिंदगी बदल सकती है-अपने लक्ष्य में दृढ विश्वास रखने वाला एक सूक्ष्म शरीर भी इतिहास के रुख को बदल सकता है।कुछ लोग सफलता के सपने देखते हैं वही कुछ लोग जागते हैं और कड़ी मेहनत करते हैं।

पैसा अपने-आप में बुरा नहीं है, उसके गलत उपयोग में ही बुराई है. किसी ना किसी रूप में पैसे की जरुरत हमेशा रहेगी।

अहिंसा मानवता के लिए सबसे बड़ी ताकत है। यह आदमी द्वारा तैयार विनाश के ताकतवर हथियार से अधिक शक्तिशाली है।

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